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Eid Mubarak best Shayari sher in hindi Eid al fitr ईद शायरी

Eid Mubarak Shayari# Eid-ul-fitr के शुभ और खुशी के मौक़े पर इस पोस्ट में ईद उल फित्र क्या है और क्यों मनायी जाती है ईद का सही मक्सद क्या है, इसे मीठी ईद क्यों कहा जाता है और India में ईद कैसे मनाई जाती है इन सवालों पर बात करेंगे।

Eid Mubarak greetings

ईद उल फित्र पारंपरिक उत्सव का दिन है। प्रेमियों के लिए ईद का एक अलग अर्थ है। मिलना या प्रिय को देखना भी उसकी खुशि का पल या दिन होता है और यही उसकी ईद है। इस दिन के कई और दिलचस्प पहलू हैं। ईद उल-फ़ित्र के इस खुशी के मौक़े पर रेख़्ता लाए हैं ईद मुबारक शायरी, Eid Mubarak Best shayari, Latest Eid mubarak shayari, Eid mubarak Sher Collection, Eid Mubarak free HD Images Download करें और अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, friends, relations, and Lover को whats app, Facebook, Instagram पर share करें और खुद भी आनंद लें rekhta की तरफ से आप सभी को ईद की मुबारक बाद। ईद शायरी पर ख़ूबसूरत शेर का लुत्फ़ लीजिए, पढ़िए ईद शायरी पर बेहतरीन शेर देवनागरी और रोमन में

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Eid क्यों मनाई जाती है Eid ul Fitar कब मनाई जाती है

ईद-उल-फित्र Islamic Calender के अनुसार शव्वाल महीने के पहले दिन को मनाई जाती है, ये महीना रमज़ान करीम का महीना खत्म होने पर आता है जो कि रोज़ा रखने और अल्लाह की इबादत करने का महीना होता है, ईद में सारे मुसलमान ईद गाह में ईद-उल-फितर की नमाज़ अदा करते हैं खुतबा सुनते हैं और नमाज़ से पहले फितरा अदा करना ज़रूरी है इसके बाद ही ईद की नमाज़ पढी जाती है।

ईद उल फित्र को मनाने का मक्सद ये है कि पूरे महीने अल्लाह के मोमिन बंदे अल्लाह की इबादत करते हैं रोज़ा रखते हैं और क़ुआन करीम Quran की तिलावत करके अपनी आत्मा को शुद्ध करते हैं जिसका अज्र या मजदूरी मिलने का दिन ही ईद का दिन कहलाता है जिसे उत्सव के रूप में पूरी दुनिया के मुसलमान बडे हर्ष उल्लास से मनाते हैं

Eid al fitr का सबसे अहम मक्सद एक और है कि इसमें ग़रीबों को फितरा देना वाजिब है जिससे वो लोग जो ग़रीब हैं मजबूर हैं अपनी ईद मना सकें नये कपडे पहन सकें और समाज में एक दूसरे के साथ खुशियां बांट सकें इसी बात को शायरीमे कहेंं।

मैं उनकी आँख में ईदैन की खुशियों को क्या देखूं
कि जिनकी माँ ने ज़ेवर बेंच के कपडे सिलाए हों
आसिफ

फित्रा वाजिब है उनके ऊपर जो 52.50 तोला चाँदी या 7.50 तोला सोने का मालिक हो अपने और अपनी नाबालिग़ औलाद का सद्कये फित्र अदा करे जो कि ईद उल फितर की नमाज़ा से पहले करना होता है।

ईद भाई चारे का आपसी मेल का तयौहार है इसमें एक दूसरे के दिल में प्यार बढाना और नफरत को मिटाना सबसे ज़रूरी है इसी लिए लोग ईद में गले मिलते हैं और इसी से रिश्तों में मिठास आती है ईद की मुबारकबाद देते हैं, ईद में सिवाईयां सबसे लोकप्रिय पकवान है।

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Eid Ul-Fitr Defination in English

Eid-ul-Fitr 2019 may be celebrated on Wednesday, 5th June 2019 and as per Islamic Calender Hijri, This is not certain or fixed provisional was the actual date is Fortunate or the sighting of the moon of Shawwal, This is 10th month in the Islamic calendar Eid ul Fitar as Muslims thank to Allah, celebrating the festival with religious fervor.

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Eid ul fitr (Eid al-Fitr, Eid ul-Fitar, Id-Ul-Fitr) is a day of traditional festivity. Eid has a different meanings for lovers, Meeting with some one special or even seeing the beloved is his or her Eid. There are many more interesting facts of Eid al fitr for the occation of celibration Eid ul fitr rekhta presents , Eid Mubarak Best shayri, Latest Eid mubarak shayari, Eid mubarak Sher Collection, Eid Mubarak free HD Images Download and share to friends, Lovers of Urdu shayari on Facebook, whatsapp, Instagrame, twitter Eid Ul Fitr Mubarak to you all from core heart by rekhta.

Bharat India में Eid कब होगी कैसे मनाई जाती है भारत में ईद उल फित्र

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ईद-उल-फितर 2019 बुधवार Thursday, 5 जून 2019 को मनाई जा सकती है और इस्लामिक कलैंडर हिजरी के अनुसार, यह निश्चित या निश्चित अनंतिम नहीं है, वास्तविक तारीख शव्वाल के चंद्रमा के दर्शन पर ही तय होगा यह इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार साल का दसवां महीना शव्वाल की पहली तारीख को मनाई जाती है।

India भारत में ईद बडे धूम धाम से मनाई जाती है हिंदुस्तान में कोई भी उत्सव हो यहां के बाशिंदे उस तयौहार को मिल कर मनाते हैं चाहे वो दीपावली हो, होली या फिर ईद, होली में हिंदू भाई मुसल्मान को अपने घर बुलाता है तो ईद में मुसल्मान अपने हिंदू दोस्तों को दावत देता है यह भारतीय संस्कृती Cultur and Tradition की पहचान है यहां का लोकतंत्र Democracy इतना मज़्बूत है कि पूरी दुनिया हमारे देश की मिसालें देता है।

हिन्दुस्तान के एक किनारे से कन्याकुमारि, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, राजिस्थान, यू. पी. आध्यात्म की नगरी बनारस, और काश्मीर जैसे रंग बिरंगे गुल्दस्ते हैं  हिन्दुस्तान ज़मीन का फक़त एक टुकडा नहीं ऐसा नज़रिया है जिसने पूरी दुनिया को सोंचने पर मज्बूर कर दिया और मीर तक़़ी मीर को अपने लफ्ज़ों में कहा है कि.

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Unity Shayari Urdu Sher In Hindi

उसके फरोगे हुस्न से झमके है सब में नूर
शम-ए-हरम हो या कि दिया सोमनाथ का

या फिर मैं इसी बात को मरहूम अन्वर जलालपूरि के लफ्ज़ों मे कहू तो यूं होगा..कि

अनेकता में जहां एकता मिले अन्वर
हम उस दयार को हिन्दुस्तान कहते हैं

एकता की इसि मिसाल को डाँ. राहत इन्दौरी ने कुछ यूं कहा है

नमाज़े मुस्तकिल पहचान बन जाती है चहरे की
तिलक जिसतरह माथे पर कोई हिन्दू लगाता है.

या फिर इस तरीके से कहा जा सकता है।

दिल में मोहब्बतों के दिए फिरसे जलेंगे
बजरंग, अली प्यार से जब ईद मिलेंगे
जम्हूरियत के वास्ते हम ईद की नमाज़
गंगा तेरे पानी में वज़ू करके पढेंगे
आसिफ

Eid shayari for lovers in Hindi

बहाना कोई हो लेकिन हमारी दीद हो जाए
अगर तुम छत पे आ जाओ हमारी ईद हो जाए

 

अभी उसकी तरफ से प्यार की तौहीद बाकी है
उसे देखे बिना लेकिन हमारी ईद बाकी है

 

तुम्हारे हुस्न पे परदे कि ये ताकीद कैसी है
तुम्हे देखे बिना दिलबर हमारी ईद कैसी है

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नज़र मिला के कभी मुझको देखता भी नही
जो मेरे दिल की है हालत वो सोंचता भी नही
हम अपनी ईद बिना उसके मनाएं कैसे
वो चाँद छत पे अकेले में निकलता भी नही

Asif Barabankavi

 

खुशी का दिन है मगर ये मलाल कैसा है
कि अबकी ईद में इस दिल का हाल कैसा है
मिलन की ईद है लेकिन न मिल सकें उनसे
जुदाई ईद में उफ्फ ये कमाल कैसा है

 

ईद आई है अजब आज फसाना ले कर
ईद आई है मोहब्बत का ख़ज़ाना ले कर
तू मिले या न मिले है ये मुकद्दर अपना
घर से निकला हूं मैं यादों का सहारा ले कर
जमील अख़्तर ज़ैदपूरी

Best two Line urdu Poetry in Hindi

Eid mubarak wishesh photo

आज यारों को मुबारक हो कि सुब्हे ईद है
राग है, मै है, चमन है दिलरुबा है दीद है
आबरू शाम

 

अगर हयात है देखेंगे एक दिन दीदार
कि माहे ईद भी आखिर है महीनों में
मिर्ज़ा रज़ा बर्क़

 

ऐ हवा तू ही उसे ईद मुबारक कहियो
और कहियो की कोई याद किया करता है
त्रिपुरारी

 

. हिलाल-ए-ईद तो आया तेरा ख़याल
वो आसमां का चाँद है तु मेरा चाँद है
ना मालूम

 

है ईद का दिन आज तो लग जाओ गले से
जाते हो कहां जान मेरि आ के मुकाबिल
मुशाहफी ग़ुलाम हमदानी

Eid al fitr Quotes Images

ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का
ईद ही तो नाम है एक दूसरे की दीद का
ना मालुम

 

ईद अबके भी गयी युंही किसी ने न कहा
कि तेरे यार को हम तुझ से मिला देते हैं
मुशहफी ग़ुलाम हमदानी

 

ईद का चाँद तुमने देख लिया
चाँद की ईद हो गयी होगी
ना मालूम

 

मिलके होती थी कभी ईद भी दीवाली भी
अब ये हालत है की डर डर के गले मिलते हैं
ना मालूम

Latest eid ul fitr mubarak images

वादों हि पे हर रोज़ मेरी जान न टालो
है ईद का दिन अब तो गले हम को लगा लो
मुशहफी ग़ुलाम हमदानी

 

ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम

रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है

क़मर बदायूनी

 

घेरों में हैं जो शाद उसे ईद मुबारक
हम जिस को नही याद उसे ईद मुबारक
ना मालूम

 

क्या लुत्फ-ए-ईद है जो अगर तुम से दूर हूं
गुज़रेगा रोज़-ए-ईद तसव्वुर में आपके
ना मालूम

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अहबाब पूछते हैं बडी सादगी के साथ
तू अबके साल ईद मनाएगा किस तरहा
ना मालूम

 

मेरे खुलूस की गहराई से नही मिलते
ये झूठे लोग हैं सच्चाई से नही मिलते
मोहब्बतों का सबक दे रहे हैं दुनिया को
जो ईद अपने सगे भाई से नही मिलते
राहत इन्दौरी

Eid Urdu Shayari in Roman version

 

bahana koi ho lekin tumhari deed ho jaye
agar tum chat pe aa jao humari eid ho jaye

 

abhi uski traf se pyar ki tauheed baki hai
use dekhe bina lekin humari eid baki hai

 

tumhare husn pe parde ki ye taqeed kaisi hai
tumhe dekhe bina dilbar humari eid kaisi hai

 

aaj yaron ko mubarak ho ki sub.h-e-id hai

raag hai mai hai chaman hai dilruba hai deed hai
abroo sham mubarak

 

agar hayat hai dekhenge ek din didar

ki mah-e-eidd bhi aḳhir hai in mahinon men

MIRZA RAZA BARQ

 

ai hava tu hi use id-mubarak kahiyo

aur kahiyo ki koi yaad kiya karta hai

TRIPURARI

 

dekha hilal-e-eid to aaya tera ḳhayal

vo asman ka chand hai tu mera chand hai

UNKNOWN

 

hai iid ka din aaj to lag jaao gale se

jaate ho kahan jaan miri aa ke muqabil

MUSHAFI GHULAM HAMDANI

 

iid aa.i tum na aa.e kya maza hai eid ka

iid hi to naam hai ik dusre ki diid ka

UNKNOWN

 

iid ab ke bhi ga.i yuhi kisi ne na kaha

ki tire yaar ko ham tujh se mila dete hain

MUSHAFI GHULAM HAMDANI

 

Eid ka chand tum ne dekh liya

chand ki Eid ho gai hogi

UNKNOWN

 

mil ke hoti thi kabhi eid bhi divali bhi

ab ye halat hai ki Dar Dar ke gale milte hain

UNKNOWN

 

vaadon hi pe har roz miri jaan na Taalo

hai iid ka din ab to gale ham ko laga lo

MUSHAFI GHULAM HAMDANI

 

Eid ka din hai gale aaj to mil le zalim
rasm-e-duniya bhi hai mauqa bhi hai dastoor bhi hai
Qamar Badayuni

 

Kya Lutf-E-Eid Hai Jo Agar Tum Se Door Hoon
Guzre Gaa Roz-E-Eid Tasavvur Mein Aap Ke

Unknown

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